हाईकोर्ट ने पेंशन से जुड़े मामले में जवाब दायर न किए जाने पर प्रधान सचिव और तीन अन्य अधिकारियों को तलब किया

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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन से जुड़े मामले में जवाब दायर न किए जाने पर लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव और तीन अन्य अधिकारियों को तलब किया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि तीन हफ्ते के भीतर इस मामले में जवाब दायर नहीं किया जाता है तो सभी प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। मामले में लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुभाषीश पंडा, अजय गुप्ता प्रमुख अभियंता, केके कौशल अधीक्षण अभियंता और प्रदीप ठाकुर अतिरिक्त अभियंता को प्रतिवादी बनाया गया है। मामले की सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की गई है।  याचिकाकर्ता लाल सिंह ने अदालत के निर्णय को लागू न किए जाने पर अवमानना याचिका दायर की है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 20 जून 2020 को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता को दो महीनों के भीतर पेंशन दिए जाने के बारे में विचार किया जाए।

अदालत को बताया गया कि छह महीने बीतने के बाद भी विभाग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई थी कि उसकी दैनिक वेतनभोगी की सेवा को पेंशन के लिए गिना जाए। याचिकाकर्ता ने इस बारे विभाग के पास प्रतिवेदन किया था।

विभाग ने याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन को 5 सितंबर, 2020 को खारिज कर दिया था। विभाग के इस आदेश को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 5 सितंबर, 2020 को विभाग की ओर से पारित आदेश को खारिज करते हुए आदेश दिए थे कि सुंदर सिंह के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार याचिकाकर्ता के मामले में निर्णय लिया जाए। हाईकोर्ट के फैसले को लागू न करने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की है। इस याचिका में जवाब दायर न किए जाने पर अदालत ने यह आदेश पारित किए।




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