11-12 मार्च को EPFO बोर्ड की बैठक, वित्त वर्ष 2021-22 के लिये ईपीएफ ब्याज दर पर चर्चा होने की संभावना, बढ़ सकती है आपकी कमाई, जानिए क्या है प्लान?

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EPFO बोर्ड की बैठक 11-12 मार्च होने वाली है। माना जा रहा है इस बैठक में साल 2021-22 के लिये ईपीएफ के ब्याज दर ( Employee Provident Fund Interest Rate) पर चर्चा की जा सकती है।

वित्त वर्ष 2021-22 के लिये ईपीएफ ब्याज दर पर चर्चा होने की संभावना

माना जा रहा है कि 2021-22 के लिये ईपीएफ ब्याज दर 8.5 फीसदी ही रहने के आसार हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों और महंगाई के मद्देनजर ब्याज दर में छेड़छाड़ की गुंजाईश बेहद कम है। साल 2020-21 के लिये 6 करोड़ ईपीएफ धारकों को 8.5 फीसदी ब्याज देने पर निर्णय हुआ है जिसपर वित्त मंत्रालय ने अपनी मुहर भी लगा दी है। EPFO के एनुअल डिपॉजिट ( Annual Deposit) के एक हिस्से को इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs ) में निवेश करने को मंजूरी मिल सकती है। अगर इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो InvITs इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बल मिल सकता है। तो EPFO के इन्वेस्टमेंट बास्केट ( Investment Basket) में निवेश का नया माध्यम शामिल हो जाएगा। मौजूदा समय में EPFO एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ETF), गर्वमेंट सिक्योरिटीज (Government Securities) और Bonds में निवेश करता है।

EPFO की बैठक 4 महीने बाद हो रही

EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक लगभग 8 महीने बाद  होने जा रही है। जिसमें ईपीएफ ब्याज दर के साथ InvITs में निवेश के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इस साल के शुरुआत में ही ईपीएफओ बोर्ड ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंडों में  निवेश को मंजूरी दी थी। दरअसल EPFO में डिपॉजिट राशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिसके चलते निवेश के नए Avenue की जरुरत महसूस की जा रही थी। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लॉन्ग टर्म फंडों में निवेश को ध्यान में रखते हुये InvITs में निवेश किए जाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

EPFO में हर महीने 15000-16000 करोड़ रुपये डिपॉजिट

EPFO में हर महीने करीब 15000-16000 करोड़ रुपये डिपॉजिट किया जा रहा है।  माना जा रहा है कि 2021-22 में EPFO का डिपॉजिट 1.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। इसमें से 15 फीसदी रकम का निवेश Equity में तो बाकी बचे रकम को Debt Instrument में निवेश किया जाता है। डिपॉजिट में बढ़ोतरी को देखते हुये  EPFO के पास अपने इन्वेस्टमेंट बॉस्केट के विस्तार का बेहतरीन मौका है। यही वजह है कि 11-12 मार्च को होने वाली सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग में EPFO का पैसा लगाए जाने पर विचार किया जा सकता है।


 


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