बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने की तैयारी, विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटियों ने की पेंशन बढ़ोतरी की सिफारिश

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को राज्य के बुजुर्गों को मिलने वाली सम्मान राशि (बुढ़ापा पेंशन) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकते हैं। बजट पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री अपने उत्तर के दौरान सम्मान पेंशन को 2500 रुपये से बढ़ाकर 2800 रुपये तक कर सकते हैं।

भाजपा ने सत्ता में आने से पहले वृद्धों की पेंशन महंगाई सूचकांक के अनुसार बढ़ाने तथा उसकी सहयोगी पार्टी जजपा ने 5100 रुपये करने का वादा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति के लोगों के कल्याण की कुछ नई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।

विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटियों ने अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की दुष्कर्म पीड़िताओं को दी जाने वाली एक लाख की आर्थिक मदद को बढ़ाकर पांच लाख करने की भी सिफारिश की हुई है।

लोकसभा की तर्ज पर पहली बार बजट के बाद पांच दिन की रिसेस (अवकाश) किया गया था। विधायकों की स्टैंडिंग कमेटियों ने राज्य सरकार को सौंपे सुझाव में बुढ़ापा, विधवा, बेसहारा महिला व दिव्यांगजनों की पेंशन में 250 से 300 रुपये मासिक की बढ़ोतरी करने की सिफारिश की है।

हुड्डा राज के दौरान पेंशन 1000 रुपये मासिक थी। 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में पेंशन को बढ़ाकर दो हजार रुपये मासिक करने का वादा किया था। 2019 के चुनाव में भाजपा ने पेंशन को महंगाई से जोड़ने का ऐलान किया। अब पेंशन 2500 रुपये मासिक है।

विपक्षी दल भी पेंशन के मुद्दे पर गठबंधन सरकार को घेरते रहे हैं। वैसे भी गठबंधन सरकार को सत्ता में आए करीब ढाई साल पूरे होने को हैं। ऐसे में तीसरे साल की पेंशन बढ़ोतरी का समय भी आ चुका है। बजट सत्र 22 मार्च तक चलना है।

इस दौरान मतांतरण विरोधी विधेयक सदन में पास होने की उम्मीद है। विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में जब धर्म परिवर्तन का कोई मामला ही नहीं है तो फिर इसको लेकर कानून बनाने का क्या औचित्य है। हालांकि विश्व हिंदू परिषद चाहती है कि हर हाल में यह कानून बनना चाहिए।


 


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