EPF/EPS 95 सदस्यों को फ्री में मिलता है 7 लाख रुपए का कवर, परिवार को जरूर बताएं

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प्रोविडेंट फंड (Provident fund) को लेकर ज्यादातर नियम आप जानते होंगे। विड्रॉल से लेकर ट्रांसफर तक आजकल सबकुछ ऑनलाइन है। लेकिन, बैलेंस, EPF ट्रांसफर या फिर PF निकालने के अलावा भी कई ऐसे फीचर्स हैं, जिनकी जानकारी होना जरूरी है। EPF का एक ऐसा ही Silent Feature है, जो ज्यादातर लोग नहीं जानते। नौकरीपेशा को इस फीचर की जानकारी होनी चाहिए और उन्हें अपने परिवार को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को EPF अकाउंट के साथ फ्री में 7 लाख रुपए तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर (EDIL Insurance cover) मिलता है।

बिना कंट्रीब्यूशन EPF अकाउंट से लिंक होता है इंश्योरेंस

आपके EPF अकाउंट के साथ ही इसे लिंक किया जाता है। अपनी नौकरी की अवधि में कोई भी कर्मचारी इसके लिए कोई कंट्रीब्‍यूशन नहीं देता। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) अपने सभी मेंबर्स को यह सुविधा देता है। अगर किसी EPFO मेंबर्स की आकास्मिक मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी लाइफ इंश्‍योरेंस (Life Insurance) की राशि क्‍लेम कर सकता है।


EDLIs के तहत मिलता है इन्‍श्‍योरेंस कवर

EPFO मेंबर्स को इंश्‍योरेंस कवर की यह सुविधा इम्‍प्लॉई डिपॉजिट लिंक्‍ड इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम (EDIL Insurance cover) के तह‍त मिलती है। इस स्‍कीम के तहत सदस्य की मौत होने पर नॉमिनी को अधिकतम 7 लाख रुपए का इंश्योरेंस कवर के तहत भुगतान किया जा सकता है। पहले इसकी लिमिट 3,60,000 रुपए थी। बाद में इंश्‍योरेंस कवर की लिमिट को बढ़ाकर 6 लाख रुपए किया गया और सितंबर 2020 में इसकी लिमिट बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दी गई। बोनस की लिमिट को भी 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया गया था।

कैसे तय होती है इंश्योरेंस कवर की रकम?

किसी कर्मचारी की मौत होने पर नॉमिनी को पिछले 12 महीने की औसत सैलरी की 30 गुना राशि, 20 फीसदी बोनस के साथ मिलती है। इसका मतलब है कि मौजूदा समय में 15,000 रुपए की बेसिक इनकम की सीलिंग के मुताबिक 30x₹15,000= ₹4,50,000 रुपए मिलेगा। इसके अलावा बोनस अमाउंट ₹2,50,000 भी क्लेम करने वाले को दिया जाएगा। कुल मिलाकर यह रकम अधिकतम 7 लाख रुपए तक हो सकती है।

PF खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट का नॉमिनी इंश्योरेंस अमाउंट के लिए क्लेम कर सकता है। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी को डेथ सर्टिफिकेट, सक्सेशन सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स देने की जरूरत होगी। अगर पीएफ खाते का कोई नॉमिनी नहीं है तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी यह अमाउंट क्लेम कर सकता है। PF खाते से पैसा निकालने के लि‍ए एंप्लॉयर के पास जमा होने वाले फॉर्म के साथ इंश्योरेंस कवर का फॉर्म भी जमा कर दें। इस फॉर्म को एंप्लॉयर सत्यापित करता है। इसके बाद कवर का पैसा मिलता है।

रि‍टायरमेंट के बाद नहीं मि‍लता क्‍लेम

पीएफ अकाउंट पर होने वाले इस इंश्‍योरेंस का दावा सि‍र्फ तभी कि‍या जा सकता है, जब पीएफ खाताधारक की मौत नौकरी के दौरान हुई हो, मतलब रि‍टायरमेंट से पहले। इस दौरान चाहे वह ऑफि‍स में काम कर रहा हो या छुट्टी पर हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नॉमिनी पैसा क्लेम कर सकता है।





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