EPS 95 पेंशनर्स के उच्च पेंशन के मामलों पर आज 10 अगस्त 2022 को तीन जजों के सामने होगी अंतिम सुनवाई

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EPS 95 HIGHER PENSION CASES HEARING 2 AUGUST 2022

देश के लाखों EPS 95 पेंशनर्स लिए यह बहुत ही बड़ी खुशखबरी मिलाने की उम्मीद है। EPS 95 Pension को लेकर आज यानि 10 अगस्त 2022 को सुप्रीम कोर्ट से EPS 95 पेंशनधारकों के उच्च पेंशन मामलों पर अंतिम सुनवाई हो सकती है। इस संबंध में ताजा खबर यह है कि EPS 95 के पेंशनधारकों को भविष्य निधि (EPF) पेंशन कितनी मिलेगी, यह जानने के लिए EPS 95 पेंशनर्स  का आज 10 अगस्त को इंतजार ख़तम हो सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने 5 अगस्त 2022 को इससे 3 जजों की बड़ी पीठ के जिसमे जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया शामिल है के समक्ष सुनवाई हुई है। माननीय सर्वोच्च न्यायलय द्वारा नई 3 जजों की बेंच का गठन किया गया और 2 अगस्त से अगले 3 दिन तक इन मामलों पर सुनवाई हो चुकी है।

साथ ही इससे पहले 6 जनवरी को EPFO से सम्बंधित दो जुड़े हुए 2 नए मामलों की सुनवाई करते हुए माननीय जस्टिस उदय उमेश ललित, माननीय जस्टिस एस रविंद्र भट्ट, माननीय जस्टिस ऋषिकेश राय की खंडपीठ ने फैसला देते हुए कहा कि इन सभी मामलों को भी WP नंबर 1658-8659/2019 के साथ मार्च के पहले सप्ताह में सूचीबद्ध किया जाए। उसके बाद इन मामलों को eps-95 पेंशनधारकों के अन्य मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में दाखिल है तो उन मामलों के साथ सूचीबद्ध किए जाने के लिए कहा गया था।

अब ईपीएस 95 पेंशन के मामलो पर 10 अगस्त 2022 को जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया की 3 जजों की बेंच की खंडपीठ समक्ष अंतिम सुनवाई हो सकती है।

इससे पहले EPS 95 उच्च पेंशन मामले की सुनवाई 5 अगस्त को दोपहर 2 बजे से जारी रही। श्री विकास सिंह, सीनियर काउंसल की दलीलों से सुनवाई शुरू हुई, जिन्होंने यह साबित करने के लिए PF अधिनियम और EPS 95 योजना में कई धाराओं पर भरोसा किया कि किसी विकल्प की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ईपीएफओ यह नहीं कह सकता कि यदि विकल्प का प्रयोग करने के कारण देयता उन्हें पता होती, तो फंड को उसी के अनुसार निवेश किया जाता, अन्यथा यह ईपीएफओ का कर्तव्य है कि वह सबसे अच्छा रिटर्न पाने के लिए फंड का निवेश करे। . श्री विकास सिंह के बाद, दो और सीनियर काउंसलों ने भी इस मामले में बहस की।

सुश्री मीनाक्षी अरोड़ा, सीनियर एडवोकेट श्री उदयदित्य बनर्जी द्वारा सहायता प्रदान की, AOR ROWS की ओर से कोर्ट के सामने पेश हुई और असाधारण रूप से अच्छी तरह से तर्क दिया। उन्होंने यह साबित करने के लिए न्यायाधीशों के सामने कई आंकड़े रखे कि ईपीएफओ का कोष रुपये से बढ़ गया है। 8,252 करोड़ 3,93,604 करोड़ रुपये। हमारे अतिरिक्त हलफनामे में दी गई एक तालिका में ईपीएस फंड और पीएफ फंड दोनों के निवेश पैटर्न को समान रिटर्न की दर दिखाने के लिए हाइलाइट किया गया था। यह ईपी के पैरा 26 और पीएफ योजना के पैरा 52 के वास्तविक आंकड़ों के संदर्भ में प्रमाणित करने के लिए था। यह भी संकेत दिया गया था कि हमारे पीएफ से समायोजित राशि वापस करते समय हम जो ब्याज दर का भुगतान करेंगे, वह उस ब्याज के बराबर होगा जो अर्जित की गई राशि को ईपीएफओ द्वारा निवेश किया गया होता।

देश के लाखों EPS 95 पेंशनर्स 10 अगस्त 2022 का दिन काफी महत्वपूर्ण है, क्यों की आज यानि 10 अगस्त 2022 को EPS 95 पेंशन से संबधित मामलों पर सुनवाई के होनी है। 2, 3, 4, और 5 अगस्त 2022की  सुनवाई के लिए 59 याचिकाएं क्रमांक 15 न्यायालय संख्या 2 में सूचीबद्ध थी जो की  इन मामलों में से अब एक मामले की सुनवाई यानी SLP NO. 8658-8659/2019  जो की EPFO बनाम सुनील कुमार बी. और अन्य के मामलों पर सुनवाई हुई थी।

यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा प्रदान की जाती है और यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारी 58 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद पेंशन प्राप्त करें। मौजूदा, साथ ही नए ईपीएफ सदस्य, योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, सरकार को आरएस 2,000 की न्यूनतम पेंशन को लागू करने पर 4500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा और अगर इसे 3,000 रुपये तक बढ़ा दिया जाता है, तो सरकारी खजाने को बड़े पैमाने पर 14,595 करोड़ रुपये खर्च होंगे ऐसी दलीले EPFO द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई थी जिसे ईपीएस 95 पेंशनधारकों के अधिवक्ताओ द्वारा काउंटर दलीले दे कर ख़ारिज की जा चुकी है।





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